मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक में महाराष्ट्र के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया, औद्योगिक और तकनीकी प्रगति पर जो नासिक के विकास को भी गति देने का व्यक्त किया संकल्प
नासिक :- महाराष्ट्र के विकास की प्रक्रिया को केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए संपूर्ण राज्य के समग्र विकास को प्राथमिकता देने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्यमियों के समक्ष महाराष्ट्र के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) यंग इंडियंस की नासिक शाखा द्वारा आयोजित पश्चिम क्षेत्र परिषद के संवाद सत्र में मुख्यमंत्री फडणवीस ने नासिक के विकास को भी गति देने का संकल्प व्यक्त किया।
CII यंग इंडियंस नासिक शाखा की तीन दिवसीय बैठक का समापन आज मुख्यमंत्री फडणवीस के संवाद से हुआ। इस मौके पर CII के राष्ट्रीय अध्यक्ष तरंग खुराना और न्यूज 18 के एंकर आनंद नरसिंहन ने उनसे चर्चा की। इस दौरान विधायक सीमा हिरे, विधायक देवयानी फरांदे, डिविजनल कमिश्नर डॉ. प्रवीण गेडाम, विशेष पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रय कराळे, पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, मनपा आयुक्त मनीषा खत्री, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशिमा मित्तल, दीपक बिल्डर्स के दीपक चंदे, यंग इंडियंस पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष कृणाल शाह, वेदांत राठी, नासिक शाखा के संस्थापक अध्यक्ष जनक सारडा, नासिक शाखा के अध्यक्ष हर्ष देवधर, पारुल धाडीच और भाविक ठक्कर सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर बेबाकी से जवाब दिए और राज्य के विकास की दिशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासन और निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने आगामी कुंभ मेले और उससे जुड़े विकास कार्यों को लेकर भी नासिक के नागरिकों को आश्वस्त किया।
नासिक में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नासिक में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां की मानव संसाधन क्षमता और जलवायु को ध्यान में रखते हुए पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए बड़ा अवसर है। HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) के कारण यहां एक डिफेंस इकोसिस्टम मौजूद है। मुंबई का औद्योगिक लाभ पुणे और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) को मिला, अब समृद्धि महामार्ग के कारण नासिक का तेजी से विकास होगा। देश का सबसे बड़ा बंदरगाह वधावन में बन रहा है, और नासिक से वहां तक ग्रीनफील्ड रोड बनाया जाएगा, जिससे नासिक को बड़ा फायदा होगा।
सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावी उपयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में क्रांति आई है। परिवहन और संचार सुविधाओं के विकास से नासिक को बड़ा लाभ मिलेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
गूगल के साथ साझेदारी कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है। कृषि और कानूनी क्षेत्रों में AI तकनीक के उपयोग से नए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बन रहे हैं। नई तकनीक को अपनाते हुए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम विकसित किए जा रहे हैं। रतन टाटा स्किल यूनिवर्सिटी ने इस संबंध में 10,000 महिलाओं को प्रशिक्षित किया है। सरकार ग्रामीण उद्यमियों को भी अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
नासिक में कृषि प्रसंस्करण उद्योग का बेहतरीन मॉडल
औद्योगिक विकास के साथ-साथ कृषि क्षेत्र के विकास के लिए भी सरकार प्रयासरत है। नासिक की पहचान उन्नत कृषि के लिए है। यह जिला अंगूर, प्याज और सब्जी उत्पादन में अग्रणी है। कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धित सप्लाई चेन को नासिक ने सफलतापूर्वक विकसित किया है, जिसे “नासिक मॉडल” कहा जाता है।
इसके अलावा, सह्याद्री एग्रो ने कृषि प्रसंस्करण उद्योग का एक उत्कृष्ट मॉडल तैयार किया है। सरकार ने स्मार्ट योजना और एग्री-बिजनेस योजना शुरू की है, जिससे किसानों को बाजार सुविधाओं का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 20 लाख घर बनाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को भी फायदा हो रहा है।
महाराष्ट्र की 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए रोडमैप तैयार
भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ रही है, जिसमें महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य की अर्थव्यवस्था 2029 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार है। आर्थिक विकास के लिए परिवहन और आधारभूत संरचना का विकास महत्वपूर्ण है। समृद्धि महामार्ग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और अब “शक्तिपीठ महामार्ग” भी विकसित किया जा रहा है।
महाराष्ट्र में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, सबसे अधिक निवेश महाराष्ट्र में
देश में औद्योगिक और आर्थिक विकास की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। 10-12 राज्य उद्योग और आर्थिक विकास में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र इसमें अग्रणी बना हुआ है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण है, और देश में सबसे अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) महाराष्ट्र में ही हो रहा है।
यह निवेश केवल महानगरों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे राज्य में फैले, इसके लिए सरकार प्रयासरत है। मुंबई और पुणे के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और गडचिरोली जैसे जिलों में भी निवेश हो रहा है। औद्योगिक निवेश की तीन तिमाही रिपोर्ट में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा है।
महाराष्ट्र “गवर्नेंस का मॉडल” है। अन्य राज्यों में लागू की गई अच्छी योजनाओं को भी महाराष्ट्र में अपनाया जा रहा है। राज्य में सतत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस बार का कुंभ मेला आध्यात्म और तकनीक का सुंदर संगम होगा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति हजारों वर्षों से चली आ रही है। प्रयागराज कुंभ मेले में जाति, धर्म, भेदभाव की सभी दीवारें मिट गईं, यही हमारी ताकत है। भारतीय मन की आस्था ही हमारी सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का कारण है। युवा वर्ग को कुंभ मेले से जुड़ना चाहिए, क्योंकि इसमें पर्यटन और उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं।
इस बार के कुंभ मेले में आध्यात्म और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। युवा शक्ति त्र्यंबकेश्वर और नासिक में विकास कार्यों और कुंभ मेले के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस अवसर पर दीपक बिल्डर्स के दीपक चंदे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस सम्मेलन में महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और गुजरात के करीब 200 प्रतिनिधि शामिल हुए।