महाराष्ट्र में राजस्थानी महोत्सव: समाजसेवी लप्पी जाजोदिया का राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जाबरसिंह खरा के हस्ते सम्मान
मुंबई :- महाराष्ट्र में राजस्थानी समाज का महोत्सव रविवार को रेमंड मैदान में धूमधाम से आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन राजस्थानी विकास मंच द्वारा किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में व्यापार करने वाले राजस्थानी समाज के लोगों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा करना हमारा धर्म है, और इसे हम पूरी निष्ठा से निभाते हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शिंदे ने महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया। उन्होंने कहा कि राजस्थानी और मराठी संस्कृति एक दूसरे में घुल-मिल गई हैं, और यह सांस्कृतिक संगम महाराष्ट्र की विविधता को और भी समृद्ध करता है।
राजस्थानी समाज की प्रमुख माँगें
कार्यक्रम में राजस्थान के नगर विकास मंत्री जाबरसिंह खरा, सांसद नरेश महस्के, विधायक संजय केलकर, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, पूर्व विधायक रवींद्र फाटक, भाजपा जिला अध्यक्ष संजय वाघुले और अन्य कई प्रतिष्ठित नेता भी उपस्थित थे। इस दौरान राजस्थानी समाज के प्रमुख संरक्षक राकेश मोदी ने उपमुख्यमंत्री शिंदे और अन्य नेताओं के सामने ठाणे मनपा चुनाव में राजस्थानी समाज के पांच उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग रखी।
समाजसेवी लप्पी जाजोदिया का सम्मान
महोत्सव में अमरावती के समाजसेवी चंद्रकुमार जाजोदिया (लप्पीभैया) को उनके सामाजिक कार्यों के लिए राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जाबरसिंह खरा ने सम्मानित किया। इस अवसर पर लप्पीभैया ने कहा, “राजस्थान हमारी जन्म भूमि है, तो महाराष्ट्र हमारी कर्म भूमि है, और इसके विकास के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं।” इस सम्मान के साथ उनके द्वारा किए गए अनगिनत सामाजिक कार्यों की सराहना की गई।
अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों का सम्मान
इस कार्यक्रम में रेमंड के प्रबंध निदेशक शांतिलाल पोखरणा को “राजस्थान रत्न”, समाजसेवी और उद्योगपति अरुण जोशी, टिप टॉप होटल के निदेशक मनोजभाई शाह, भाजपा जैन प्रकोष्ठ अध्यक्ष राकेश जैन को “राजस्थान विभूषण” से नवाजा गया।
इसके अलावा, कलाकार अली-गनी, अंजना कोठारी, सरितासिंह राठौर, कुमारी याशी धर्म मेहता और अन्य को “नारी शक्ति पुरस्कार” से सम्मानित किया गया, जबकि आर. नितिन को “महाराणा प्रताप शौर्य पुरस्कार” से नवाजा गया।
सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में ओमप्रकाश जाझुका, विजयकुमार बसावतीया, महेश जोशी, उदय परमार, महावीर शर्मा, प्रदीप गोयनका, चंद्रकुमार जाजोदिया, सुरेंद्र शर्मा, भूपेंद्र भट्ट, संदीप शर्मा सीए, बाबूसिंह राजगुरु, लक्ष्मीकांत मूंदड़ा और राजस्थान विकास मंच महाराष्ट्र के अध्यक्ष कपूर रामावत का विशेष योगदान रहा।
राजस्थानी-मराठी एकता का प्रतीक
राजस्थानी महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि महाराष्ट्र और राजस्थान के लोग एक-दूसरे के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके बीच का यह सांस्कृतिक संगम न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश को मजबूत करता है।